26 जनवरी आचार संहिता में ऐसा होता है।

जानकारी:

आईये जाने...... आचार संहिता मे शासकीय सेवक कैसे गणतंत्र दिवस मनाये ।
क्या-क्या है नियम:


ये करे :
आचार संहिता लगने के बाद यह कार्यक्रम पूर्णत: सरकारी कार्यक्रम हो जाता है प्रधानपाठक/प्राचार्य ध्वजारोहण करे। कार्यक्रम को सादगी पूर्ण तरीके से मनाये। कोशिश करे की 10 बजे तक प्रोग्राम समाप्त हो जाए। ध्वनि विस्तारक यंत्रो की ध्वनि को कम रखकर कार्यक्रम का संचालन करे।सांस्कृतिक कार्यक्रम को लिमिट में रखे। शासकीय नियमानुसार बच्चो को मिड डे मिल करवाए।

ये ना करे:

पंच/सरपंच/जनपद/जिला पंचायत के वर्तमान या भूतपूर्व प्रत्याशी को मंच में चढने ना दे। किसी भी जनप्रतिनिधि को मंच या माइक ना सौपे। किसी के नाम के संबोधन में भूतपूर्व या वर्तमान पंच सरपंच थे ,ऐसा संबोधन ना करे। बची हुई ड्रेस/जूता या किसी दानदाता द्वारा बच्चो को दी गयी सामग्री का वितरण मंच से ना करे। किसी भी जनप्रतिनिधि का स्वागत शिक्षको द्वारा ना कराये।
आचार संहिता में प्रशासन पावर में होता है जबकि जनप्रतिनिधि पॉवरलेश हो जाता है। गाँव में अलग अलग पार्टी के नेता होते है किसी को भी परोक्ष/अपरोक्ष रूप से तवज्जो ना दे।ये लोग अपने फायदे के लिए किसी को भी फँसा देंगे।

जनहित में जारी

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